हरियाणा बजट सत्रः विधानसभा में कांग्रेस-भाजपा के हंगामे के बीच गूंजा पाकिस्तान, शाहीन बाग

 


हरियाणा बजट सत्रः विधानसभा में कांग्रेस-भाजपा के हंगामे के बीच गूंजा पाकिस्तान, शाहीन बाग


हरियाणा विधानसभा में बजट भाषण पर चर्चा के दौरान आरएसएस को लेकर तल्ख टिप्पणी पर खूब हंगामा हुआ। भाजपा, कांग्रेस विधायकों के बीच तीखे शब्दवाण चले। बात पाकिस्तान और शाहीन बाग से लेकर इटली तक पहुंच गई। मामला बेरी से कांग्रेस विधायक रघुबीर कादियान की आरएसएस पर की गई तीखी टिप्पणी से बिगड़ा। कादियान ने सरकार को लेकर कहा कि यह ‘बाई द आरएसएस, फॉर द आरएसएस एंड ऑफ द आरएसएस’ है। उनके इतना कहते ही शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर, भाजपा विधायक कमल गुप्ता, असीम गोयल, महिपाल डांडा, सीमा त्रिखा भड़क गए।


 

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आरएसएस ने ही हरियाणा एक-हरियाणवी एक सिखाया है। कमल गुप्ता बोले कि यह इटली की नहीं, भाजपा की सरकार है। स्थिति बिगड़ती देख स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने विधायकों को शांत कराया। इससे पहले कि कार्यवाही सुचारु रूप से चलती, परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा व कांग्रेस विधायक आफताब अहमद में मेवात के विकास को लेकर झड़प हो गई। परिवहन मंत्री ने तल्ख टिप्पणी कर डाली, जिस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, आफताब अहमद, गीता भुक्कल, शकुंतला खटक व मोहम्मद इलियास आग बबूला हो गए।

दोनों तरफ से खूब टीका-टिप्पणी हुई। जिसे देखते हुए स्पीकर को विपक्षी विधायकों को मर्यादा का पाठ पढ़ाना पढ़ा। इसके बीच में ही पुन्हाना से कांग्रेस विधायक मोहम्मद इलियास ने देश के विभाजन का आरोप आरएसएस पर मढ़ दिया। जिससे भाजपा विधायक फिर शोर शराबा करने लग पड़े। भाजपा विधायक असीम गोयल ने कहा कि यह मालूम नहीं पाकिस्तान किसने बनाया। स्पीकर ने फिर स्थिति संभाली व सीट से उठकर सबको बिठाया। इसे बाद असंध से कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी ने कह डाला कि शाहीन बाग भी हिंदुस्तान में ही है। उस स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार है। इस पर भाजपा की तरफ से जवाब आया कि सब जानते हैं, शाहीन बाग के पीछे कौन है।



बजट का 50 प्रतिशत भाईचारा बनाने पर होना चाहिए था खर्च


पूर्व स्पीकर व विधायक रघुबीर कादियान ने सदन में कहा कि प्रदेश में सामाजिक तानाबाना टूटा है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, सब जानते हैं। सरकार को 50 प्रतिशत बजट भाईचारा बनाने पर खर्च करना चाहिए था। सीएम दो महीने बजट बनाने के लिए ऐसे ही घूमते रहे, ये बजट तो बैठे-बैठे एक अतिरिक्त मुख्य सचिव ही तैयार कर देते। बजट में गंभीरता नहीं है।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम तक का जिक्र नहीं। दोनों दलों का घोषणा पत्र ही शामिल कर दिया जाता तो भी अच्छा बजट बनता। सीएम और डिप्टी सीएम ही बैठकर बजट तैयार कर सकते थे, चूंकि डिप्टी सीएम राजनीतिक तौर पर स्मार्ट लड़का है। लेकिन, सीएम ने गठबंधन धर्म नहीं निभाया।

कांग्रेस ने खुद किया अपनी योजनाओं का गर्भपात: गोयल
भाजपा विधायक असीम गोयल ने बजट भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करते हुए चर्चा शुरू की। उन्होंने कांग्रेस को जमकर घेरा। विधायक ने कहा कि कांग्रेसियों ने अपनी योजनाओं का खुद ही गर्भपात किया है। उनका निशाना पूर्व हुड्डा सरकार के समय स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों पर था। गोयल ने कहा कि हुड्डा सरकार ने कॉलेज तो स्वीकृत कर दिए पर जमीनें ही नहीं दी।

दीं तो उबड़-खाबड़। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने पर भिवानी मेडिकल कॉलेज को बनाने की प्रक्रिया शुरू की। इस पर कांग्रेसियों ने ऐतराज जताया। भाजपा विधायक ने कहा कि मनोहर लाल सरकार ने नजराना, चंदराना व शुकराना की प्रथा बंद कर दी है। पुरानी सरकारों में बजट सीएम को खुश करने के लिए पेश किया जाता था।